GNS-108 [कोई एक्स-आक्रमणकारी नहीं!!] एक आदमी अचानक उसकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में आ गया। बिना कुछ कहे, उसने अपना निचला शरीर बाहर निकाला और उसे अंदर डाल दिया। डर के मारे उसका शरीर निश्चल था, लेकिन धीमे पिस्टन को धीरे-धीरे दोहराया गया, और उसका शरीर ऐंठ गया। बारी-बारी से ऊपर-नीचे की मुद्राओं (PtoM) ने उसे बेचैन कर दिया, और वह काँपती हुई बेहोशी में थी!!
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