“अगर तीस साल की उम्र तक तुम्हारी शादी नहीं हुई, तो मैं तुमसे शादी कर लूंगी।“ बचपन में मैंने अपनी दोस्त से जो वादा किया था, वो आज भी मुझे याद है। लेकिन जब मेरी मुलाकात अपनी दोस्त से दोबारा हुई, तो वो शादीशुदा थी और बच्चों वाली गृहिणी थी। उसने उदास मुस्कान के साथ कहा, “मैं इतने समय से तुम्हारा ही इंतज़ार कर रही थी,“ और फिर हमें वो पल साथ बिताने का मौका मिला जो उस समय मुमकिन नहीं था।
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