[गिनती नामुमकिन है! अति संवेदनशील सुगाशी लड़की] अजीबोगरीब और दिलचस्प चीज़ों का पहला अनुभव♪ "मैं ऐसी जगह जाना चाहती हूँ जहाँ सिर्फ़ दो लोग हों..." सैलाब कभी रुकता ही नहीं! मीठी आवाज़ में फुसफुसाते हुए, वह अपने पैरों को मज़बूती से थामे हुए कहती है, "करो भी♪"। ! ! [शौकिया मसाका आरईसी#मिका#रेस्टोरेंट]
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